भारत में करेंसी और सिक्कों का निर्माण कहाँ होता है?
भारत में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारत सरकार मिलकर देश की मुद्रा प्रणाली को संचालित करते हैं। हमारे दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाले कागजी नोटों की छपाई मुख्य रूप से चार सरकारी प्रेसों में की जाती है। इनमें से दो प्रेस—नासिक (पश्चिम भारत) और देवास (मध्य भारत)—भारत सरकार के अधीन हैं। वहीं अन्य दो प्रेस—मैसूर (दक्षिण भारत) और सालबोनी (पूर्व भारत)—भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) के तहत काम करती हैं।
कागजी नोटों के अलावा, देश में चलने वाले सिक्कों को ढालने का काम अलग-अलग टकसालों (Mints) में होता है। भारत में कुल चार प्रमुख टकसालें स्थित हैं, जो मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता और नोएडा में हैं। ये सभी टकसालें पूर्ण रूप से भारत सरकार के नियंत्रण में आती हैं।
इन प्रेसों और टकसालों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम होते हैं ताकि देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखा जा सके। इस तरह, देश के चारों कोनों से मिलकर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले नोट और सिक्के हम तक पहुँचते हैं।
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