भारत का राष्ट्रीय गीत: 'वंदे मातरम्'
भारत की सांस्कृतिक धरोहर और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 'वंदे मातरम्' का एक विशेष और गौरवपूर्ण स्थान है। यह देश का राष्ट्रीय गीत है, जिसने आजादी की लड़ाई के दौरान लाखों देशवासियों के दिलों में देशभक्ति की अलख जगाई थी।
इस अमर गीत की रचना प्रसिद्ध साहित्यकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। उन्होंने इसे वर्ष 1882 में अपने प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' के अंतर्गत लिखा था। यह गीत मुख्य रूप से संस्कृत और बांग्ला भाषा के मिश्रण से तैयार किया गया था, जो भारत माता के रूप और उनकी सुंदरता का अत्यंत भावुक वर्णन करता है।
स्वतंत्रता आंदोलन के दिनों में 'वंदे मातरम्' सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि हर देशभक्त का मुख्य नारा बन गया था। आगे चलकर भारतीय संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को इसे आधिकारिक रूप से भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया। आज भी जब यह गीत बजता है, तो हर भारतीय का मन देशभक्ति के गर्व से भर जाता है।
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