भारत और प्रथम विश्व युद्ध
प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत साल 1914 में हुई थी, जब भारत अभी ब्रिटिश राज के अधीन था। इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड हार्डिंग थे, जो 1914 से 1916 तक इस पद पर रहे। युद्ध के दौरान भारत को ब्रिटेन के साथ लड़ने के लिए बुलाया गया, और लाखों भारतीय सैनिकों ने यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका के मोर्चों पर लड़ाई लड़ी।
1916 में लॉर्ड हार्डिंग की जगह लॉर्ड चेम्सफोर्ड नई वायसराय बने और 1918 तक सेवा की। इस दौरान युद्ध जारी रहा, और भारत ने न केवल सैन्य सहायता दी, बल्कि वित्त और संसाधनों के मामले में भी ब्रिटेन का साथ दिया।
हालांकि भारत में खुद युद्ध की लड़ाई नहीं लड़ी गई, लेकिन इसके प्रभाव गहरे थे। युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा, महंगाई बढ़ी, और जनता में असंतोष बढ़ने लगा। वहीं, युद्ध में भारतीय सैनिकों के बलिदान ने बाद में स्वतंत्रता आंदोलन को भी प्रेरणा दी।
आज भी प्रथम विश्व युद्ध में
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