रुक्मिणी और कृष्ण की प्रेम कथा

भागवत पुराण के अनुसार, विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी ने एक बार भगवान कृष्ण के बारे में सुना। उनके वीर कार्यों—जैसे अत्याचारी कंस का वध और जरासंध जैसे दुष्ट राजाओं के विरुद्ध संघर्ष—ने उनके हृदय में कृष्ण के प्रति गहरा आकर्षण पैदा कर दिया।

वह सिर्फ एक नाम या कहानी नहीं, बल्कि पूर्ण पुरुषोत्तम में आस्था रखने लगी। उन्हें यकीन था कि कृष्ण न केवल एक शक्तिशाली योद्धा हैं, बल्कि दुनिया के अधर्म के खिलाफ धर्म की आवाज भी हैं। इस प्रकार, उनका प्रेम दृष्टि या सौंदर्य से आगे बढ़कर आत्मा तक पहुँच गया।

जब रुक्मिणी के पिता ने उनकी शादी शिशुपाल जैसे क्रूर राजा से तय की, तो उन्होंने चुपचाप नहीं माना। उन्होंने कृष्ण के लिए एक पत्र भेजा, जिसमें अपनी इच्छा और विवशता साझा की। कृष्ण ने उनकी पुकार सुनी और उन्हें बलपूर्वक बचाकर विवाह किया।

इस तरह, रुक्मिणी का कृष्ण से विवाह सिर्फ प्रेम नहीं, बल्कि धर्म, स

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