भारत में चाय उत्पादन की कहानी

जब भी भारत में चाय की बात होती है, तो सबसे पहला नाम असम का आता है। यह राज्य देश की कुल चाय का लगभग बावन प्रतिशत हिस्सा अकेले पैदा करता है, जो कि छह सौ पचास मिलियन किलोग्राम से भी ज्यादा है। यहाँ की जलवायु और उपजाऊ मिट्टी चाय के बागानों के लिए एकदम सही मानी जाती है।

असम के कई प्रमुख जिलों में चाय की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इनमें लखीमपुर, कामरूप, गोलपारा, शिवसागर, कछार, नागांव और देरांग जिले मुख्य रूप से शामिल हैं, जहाँ दूर-दूर तक फैली हरी-भरी पत्तियाँ देखने को मिलती हैं।

असम के बाद पश्चिम बंगाल का स्थान आता है, जो देश में दूसरे नंबर पर सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है। यहाँ भी तीन सौ मिलियन किलोग्राम से अधिक चाय का उत्पादन होता है, जिसमें दार्जिलिंग और डुआर्स जैसी प्रसिद्ध जगहों का योगदान बहुत अहम है। भारत की यह चाय न सिर्फ देशवासियों को ऊर्जा देती है, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी बेहतरीन खुशबू और स्वाद के लिए पहचानी जाती है।

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