मकई के तेल का निर्माण और उपयोग

मकई का तेल, जिसे अक्सर मक्का का तेल भी कहा जाता है, मुख्य रूप से मकई के दानों के अंकुर (जर्म) से निकाला जाता है। रसोई में इस्तेमाल होने वाला यह तेल दिखने में हल्के पीले रंग का और स्वाद में बेहद सौम्य होता है। प्राकृतिक रूप से इसमें हल्की गंध होती है, लेकिन खाना पकाने योग्य बनाने के लिए इसे एक विशेष प्रक्रिया से गुजारा जाता है।

तेल को साफ करने के लिए इसका रिफाइनिंग (परिष्करण) किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान तेल में मौजूद फ्री फैटी एसिड और फॉस्फोलिपिड्स जैसी अशुद्धियों को पूरी तरह से हटा दिया जाता है। रिफाइन होने के बाद तेल का रंग साफ हो जाता है और इसका धुआं बिंदु (स्मोक पॉइंट) बढ़ जाता है। उच्च स्मोक पॉइंट होने के कारण यह तेल भारतीय रसोई में तलने (डीप फ्राइंग) और बेकिंग के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है।

पोषण के नजरिए से देखें तो मकई का तेल पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड और विटामिन ई का एक बेहतरीन स्रोत है। इसमें मौजूद लिनोलिक एसिड और फाइटोस्टेरॉल शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं, जिससे यह दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित होता है।

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