मायके से अचार क्यों नहीं लेना चाहिए?
शादी के बाद बेटी के मायके से जब उसके ससुराल जाने का समय आता है, तो परिजन उसके साथ कई तरह के सामान पैक करते हैं। फल, मिठाई, घर के बने खाने की चीजें – सब कुछ ले जाया जाता है, लेकिन एक चीज जो कभी नहीं जाती, वह है अचार। क्यों? क्योंकि मान्यता है कि मायके से अचार ले जाने से नए रिश्ते में खटास आ जाती है।
अचार की प्रकृति खट्टी होती है, और इसी खटास को लेकर यह मान्यता बनी है कि यह नई बहू के घर में आने वाले रिश्तों में भी तीखापन ला सकता है। इसलिए भले ही खाने में मजा आए, लेकिन बेटी के साथ अचार का डिब्बा कभी नहीं भेजा जाता।
कई समाजों में तो यह बात इतनी गंभीर मानी जाती है कि अगर कोई गलती से अचार भेज दे, तो उसे वापस लाने की सलाह दी जाती है। हालांकि, आजकल यह मान्यता कुछ कमजोर पड़ी है, लेकिन फिर भी ग्रामीण और पारंपरिक परिवारों में इसका खास ध्यान रखा जाता है।
इस परंपरा के पीछे सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक संद
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