मिस्र के प्राचीन मिथक में पृथ्वी का देवता गेब
गेब को प्राचीन मिस्र में पृथ्वी का देवता माना जाता था। उन्हें प्रकृति और भूमि की शक्ति का प्रतीक माना जाता था। मिस्रवासी इतने गहरे विश्वास के साथ मानते थे कि पृथ्वी स्वयं गेब का शरीर है कि उन्होंने धरती को "गेब का घर" कहने तक का साहस किया।
गेब का स्थान मिस्र के सृष्टि मिथक में बहुत महत्वपूर्ण था। वह सूर्य देवता रा के पोते थे और शू (हवा के देवता) तथा टेफ़नट (नमी की देवी) की संतान थे। प्राचीन मिस्र के अनुसार, ब्रह्मांड की शुरुआत शू और टेफ़नट से हुई, जिनके पुत्र गेब और पुत्री नूत थे। गेब पृथ्वी के देवता बने, जबकि नूत आकाश की देवी।
एक प्रसिद्ध चित्रण में गेब को झुकी हुई आकाश देवी नूत के नीचे लेटे हुए दिखाया गया है, जो दर्शाता है कि पृथ्वी और आकाश कैसे एक-दूसरे से जुड़े हैं। माना जाता था कि भूकंप गेब के हंसने या लड़खड़ाने के कारण होते थे।
गेब केवल एक देवता नहीं थे, बल्कि प्रकृत
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