मुंबई: भारत की आर्थिक राजधानी का सच

जब भी कोई पूछता है कि क्या मुंबई अमीर है या गरीब, तो इसका जवाब बेहद दिलचस्प है। देखा जाए तो मुंबई भारत का सबसे अमीर शहर है और दुनिया भर के सबसे धनी शहरों में इसका 12वां स्थान आता है। आंकड़े बताते हैं कि इस शहर की कुल संपत्ति लगभग 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है। मुंबई में करीब 46,000 करोड़पति (Millionaires) और 48 अरबपति (Billionaires) रहते हैं, जो इसकी आर्थिक ताकत को साबित करते हैं।

इस महानगरी की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार यहाँ के बड़े उद्योग, वित्तीय संस्थान और दिग्गज बैंक हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा (रैवेन्यू 5.51 अरब डॉलर), बैंक ऑफ इंडिया (5.44 अरब डॉलर), आईडीबीआई बैंक (4.61 अरब डॉलर) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (4.12 अरब डॉलर) जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थानों का मजबूत नेटवर्क इस शहर की रीढ़ की हड्डी है। इसके अलावा, देश का सबसे बड़ा शेयर बाज़ार (BSE) और बॉलीवुड भी यहीं स्थित हैं, जो हर दिन अरबों का कारोबार करते हैं।

हालांकि, मुंबई का एक दूसरा पहलू भी है। एक तरफ जहां बहुमंजिला इमारतें और लग्जरी जीवनशैली है, वहीं दूसरी तरफ बड़े पैमाने पर झुग्गी-झोपड़ियां और संघर्षरत मध्यम वर्ग भी रहता है। मुंबई सिर्फ पैसे का शहर नहीं है, बल्कि यह अवसरों का शहर है जो हर रोज लाखों लोगों को सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला देता है। यही विविधता मुंबई को सचमुच खास बनाती है।

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