यीशु का असली नाम क्या था?
ईसा मसीह को दुनिया भर में जीसस के नाम से जाना जाता है, लेकिन उनका वास्तविक नाम इससे काफी अलग था। उनका असली नाम इब्रानी भाषा में येशु या येशुआ था, जो उस समय के यहूदी समाज में एक सामान्य नाम था। यह नाम "यहोवा बचाता है" या "भगवान उद्धार करता है" के अर्थ में इस्तेमाल होता था।
जब बाइबल का अनुवाद ग्रीक और फिर अंग्रेजी भाषा में हुआ, तो येशुआ से धीरे-धीरे 'जेशुआ' और फिर 'जीसस' बन गया। यह उच्चारण में बदलाव का ही नतीजा है। इसी तरह, उन्हें अक्सर "नाजरथ के येशु" के नाम से भी संबोधित किया जाता था, क्योंकि वे गालील के क्षेत्र में स्थित नाजरथ नामक छोटे से गांव से थे।
यीशु के जीवन और शिक्षाओं को लाखों लोग आज भी प्रेरणा के रूप में लेते हैं। हालांकि नाम में बदलाव आया, लेकिन उनके संदेश — प्रेम, क्षमा और सेवा — आज भी वैसे ही प्रासंगिक हैं।
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