भारत और जापान: एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी
क्या भारत ने जापान की मदद की है? इस सवाल का जवाब सिर्फ हां में नहीं, बल्कि एक गहरे और लंबे समय तक चलने वाले सहयोग के रूप में भी दिया जा सकता है। दरअसल, भारत और जापान के बीच संबंध सिर्फ मदद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित हुए हैं।
वर्ष 2001 में दोनों देशों ने ग्लोबल पार्टनरशिप की नींव रखी। यह पहल एक नए युग की शुरुआत थी। इसके बाद 2005 में द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन की स्थापना ने संबंधों को और मजबूती दी।
2006 में एक ऐतिहासिक क्षण आया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 'इंडिया-जापान स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप' पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद से दोनों देश न केवल आर्थिक, बल्कि रक्षा, तकनीक और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में एक-दूसरे के करीब आए।
आज भारत और जापान एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग के लिए
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