भारत और वैश्विक तेल आयात की स्थिति

वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ रही है, और इस दौड़ में भारत दुनिया के सबसे बड़े देशों में शामिल है। ऊर्जा खपत के मामले में अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है। अपनी बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भारत को बड़े पैमाने पर विदेशी देशों पर निर्भर रहना पड़ता है।

आंकड़ों के अनुसार, भारत अपनी कुल ज़रूरत का लगभग 80 फ़ीसदी कच्चा तेल आयात करता है। यानी देश में इस्तेमाल होने वाले तेल का अधिकांश हिस्सा विदेशों से मंगाया जाता है। भारत की यह निर्भरता भू-राजनीति और वैश्विक बाज़ार में उसकी रणनीतिक स्थिति को बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।

तेल आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने के लिए भारत लगातार नए कदम उठा रहा है। उदाहरण के लिए, साल 2021 में भारत ने रूस से लगभग 1 करोड़ 20 लाख बैरल तेल आयात किया था, जो उस समय उसके कुल तेल आयात का महज़ 2 फ़ीसदी हिस्सा था। समय के साथ वैश्विक परिस्थितियों और कूटनीतिक समझौतों के चलते भारत के आयात पैटर्न में भी बदलाव आते रहते हैं, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय