सरसों के तेल में मिलावट: क्या होता है एलिल आईसोथायोसाइनेट?

सरसों के तेल की तीखी खुशबू और झाग बनाने के लिए कई बार इसमें रासायनिक मिलावट की जाती है। जानकारों के मुताबिक, इसके लिए अक्सर एलिल आईसोथायोसाइनेट नामक यौगिक का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक रंगहीन तेल होता है जिसमें तीखी गंध आती है और यह सल्फर पर आधारित होता है।

हैरानी की बात यह है कि इस रसायन के इस्तेमाल से बना तेल असली सरसों के तेल जैसा ही लगता है। इसलिए आम उपभोक्ता के लिए असली और नकली में अंतर पहचानना लगभग असंभव हो जाता है। कई बार शुद्ध सरसों के तेल में भी थोड़ी मात्रा में यह घटक मिला दिया जाता है ताकि उसकी गुणवत्ता और स्वाद बढ़ जाए, लेकिन अधिक मात्रा में इसका उपयोग सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

इसलिए बाजार से तेल खरीदते समय ब्रांडेड और एफएसएसएआई-अनुमत उत्पादों को चुनना बेहतर होता है। घर पर भी थोड़े से परीक्षण, जैसे गर्म सतह पर बूंद डालकर झ

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