वैश्विक कृषि में गेहूँ का महत्व और भारत का योगदान
गेहूँ दुनिया भर में सबसे प्रमुख और व्यापक रूप से खाया जाने वाला अनाज है। वैश्विक स्तर पर कुल कृषि योग्य भूमि के लगभग 23% हिस्से पर गेहूँ की खेती की जाती है। दुनिया भर में इसका वार्षिक उत्पादन लगभग 50 करोड़ टन है, जो दुनिया की एक बड़ी आबादी के दैनिक आहार और पोषण का मुख्य आधार है।
इस वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत विश्व में गेहूँ का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है, जो वैश्विक उत्पादन में एक बड़ा योगदान देता है। देश में हरित क्रांति के बाद से कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और बेहतर सिंचाई साधनों के कारण गेहूँ की पैदावार में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे राज्य भारत के प्रमुख गेहूँ उत्पादक क्षेत्र हैं। भारत न केवल अपनी विशाल जनसंख्या की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कृषि व्यापार में अपनी एक मजबूत पहचान बनाए हुए है।
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