कबड्डी एक ऐसा रोमांचक खेल है जो न केवल शारीरिक शक्ति बल्कि मानसिक दृढ़ता की भी कड़ी परीक्षा लेता है। इसके नियमों को पूरी तरह समझना खेल को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए बेहद आवश्यक है। खेल के शुरुआती नियमों के बाद, इसके अंतिम और महत्वपूर्ण पांच नियम खेल के रोमांच को और बढ़ा देते हैं।
6. बोनस अंक (Bonus Point): यदि रेडर विपक्षी पाले में प्रवेश करता है और वहां छह या सात डिफेंडर मौजूद हैं, तो मैट पर बने बोनस लाइन को पार करने पर रेडर को एक अतिरिक्त बोनस अंक मिलता है। इसके लिए डिफेंडर के पैर हवा में होने चाहिए या उसका एक पैर लाइन पर होना अनिवार्य है।
7. आउट होने के नियम (Out Rules): जब कोई रेडर विपक्षी खिलाड़ी को छूकर या बिना छुए अपनी सीमा में वापस आ जाता है, तो जिस डिफेंडर को छुआ गया हो वह आउट माना जाता है। इसी प्रकार, यदि रेडर बिना किसी अंक के पकड़ा जाता है, तो रेडर खुद आउट हो जाता है। मैट की साइड लाइन या एंड लाइन से बाहर जाना भी आउट करार दिया जाता है।
8. पुनर्जीवित होना (Revival Rule): इस खेल की सबसे खास बात यह है कि जब कोई टीम विपक्षी खिलाड़ी को आउट करती है, तो उसकी टीम का एक आउट हुआ खिलाड़ी पाले में वापस लौट आता है। यह पुनर्जीवन प्रक्रिया उसी क्रम में होती है जिस क्रम में खिलाड़ी आउट हुए थे, जिससे टीम की ताकत फिर से बढ़ जाती है।
9. लॉबी का उपयोग (Lobby Rule): खेल के दौरान लॉबी का उपयोग केवल संघर्ष (टैकल) शुरू होने के बाद ही एक्टिव होता है। रेडर और डिफेंडर के बीच संघर्ष शुरू होने से पहले लॉबी का इस्तेमाल करने पर खिलाड़ी को आउट मान लिया जाता है, लेकिन संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों टीमें लॉबी का उपयोग कर सकती हैं।
10. सुपर टैकल (Super Tackle): जब किसी टीम के पाले में तीन या उससे कम डिफेंडर बचे होते हैं, तो उस स्थिति को सुपर टैकल कहा जाता है। इस दौरान यदि डिफेंडर मिलकर रेडर को पकड़ लेते हैं, तो उनकी टीम को एक के बजाय दो अंक मिलते हैं, जो मैच का पासा पलटने की ताकत रखते हैं।
इन सभी दस नियमों का कड़ाई से पालन करके ही कबड्डी के खेल को रोमांचक, अनुशासित और पारदर्शी बनाया जाता है। सही रणनीति और नियमों का ज्ञान ही किसी भी टीम को विजय की ओर ले जाता है।
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