मोटर वाहन अधिनियम की धारा 161: हिट एंड रन दुर्घटनाओं का प्रावधान

धारा 161 मोटर वाहन अधिनियम उन दुर्घटनाओं से निपटने के लिए बनाई गई है, जहाँ कोई वाहन दुर्घटना करके फरार हो जाता है। इसे आम भाषा में 'हिट एंड रन' कहा जाता है। कानून के अनुसार, ऐसी दुर्घटना उस स्थिति में मानी जाती है जब मोटर वाहन के कारण कोई दुर्घटना होती है, लेकिन वाहन की पहचान नहीं हो पाती, भले ही सभी तर्कसंगत प्रयास किए गए हों।

इस धारा के तहत एक महत्वपूर्ण योजना भी लागू की गई, जो 1 अक्टूबर, 1982 से प्रभावी हुई। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों को सहायता प्रदान करना है जो ऐसी दुर्घटनाओं में घायल या लाभार्थी होते हैं, लेकिन वाहन चालक की पहचान न होने के कारण न्याय या मुआवजे से वंचित रह जाते हैं।

हिट एंड रन के मामलों में पुलिस और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी होती है। कानून के तहत ऐसे चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की व्यवस्था है, खासकर यदि दुर्घटना में किसी की मृत्यु या गंभीर

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