1907 में भारत का पहला झंडा

22 अगस्त 1907 की एक ऐतिहासिक घटना भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में खास जगह रखती है। उस दिन, मैडम भीकाजी रस्तगी, जिन्हें मैडम कामा के नाम से जाना जाता है, और उनके साथियों ने जर्मनी के शहर स्टुटगार्ट में भारत का पहला राष्ट्रीय झंडा फहराया। यह झंडा आजाद भारत की मांग का प्रतीक था।

इसे बर्लिन कमेटी फ्लैग कहा गया, क्योंकि यह भारतीय क्रांतिकारियों की एक समूह द्वारा तैयार किया गया था, जो यूरोप में ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ संघर्ष में लगे थे। इस झंडे में तीन क्षैतिज पट्टियां थीं – सबसे ऊपर नारंगी, बीच में पीला, और नीचे हरा रंग। ऊपरी पट्टी में दो चक्र भी थे, जो सत्य और धर्म की शक्ति को दर्शाते थे।

मैडम कामा ने इस झंडे को विदेश में भारतीय स्वतंत्रता के संदेश के रूप में प्रस्तुत किया। हालांकि यह झंडा आधिकारिक नहीं था, लेकिन यह भारत की आजादी की आकांक्षा का प्रेरणास्रोत बना। सालों बाद, 1947 में जब भारत आजाद हुआ

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