1942: भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत

9 अगस्त 1942 का दिन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था। इसी दिन महात्मा गांधी ने मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान पर ऐतिहासिक घोषणा की — "अब भारत छोड़ो, या फिर अंधेरे में गिरने से पहले तुम्हें बाहर कर दिया जाएगा।"

गांधीजी ने इस दिन 'भारत छोड़ो' के नारे के साथ एक शक्तिशाली आंदोलन की शुरुआत की। यह आंदोलन ब्रिटिश सरकार को भारत छोड़ने के लिए मजबूर करने का अंतिम और सबसे तीव्र प्रयास था। उनका संदेश स्पष्ट था — अब और इंतजार नहीं, अब तुरंत आजादी चाहिए।

इस आह्वान के बाद हजारों लोग आंदोलन में शामिल हुए। देश भर में प्रदर्शन हुए, सरकारी कार्यालय बंद किए गए, और नारे गूंजे। लेकिन अंग्रेजों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए गांधीजी और अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।

फिर भी, यह आंदोलन भारतीय जनमानस में आजादी की ज्वाला जलाने में कामयाब रहा। इसने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ जन-आक्रोश को

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