क्या हिंदू दो शादी कर सकता है?
हाँ, लेकिन केवल एक शर्त पर: अगर पहली शादी समाप्त हो चुकी हो—चाहे तलाक के जरिए हो या पति या पत्नी की मृत्यु हो गई हो।
हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अनुसार, एक जीवित पति या पत्नी के साथ दूसरी शादी करना गैर-कानूनी है। यानी अगर कोई व्यक्ति अपने पहले जीवित पति/पत्नी के साथ फिर शादी करता है, तो वह दूसरी शादी अमान्य मानी जाएगी।
इसके अलावा, ऐसा करने पर उस व्यक्ति पर विवाहित व्यक्ति द्वारा दूसरा विवाह करना (Section 494 IPC) के तहत आपराधिक मुकदमा भी चलाया जा सकता है।
एक दिलचस्प बात यह भी है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी पहली शादी को तोड़े बिना दूसरी शादी कर लेता है, तो दूसरी पत्नी को संपत्ति में कानूनी अधिकार नहीं मिलते। यहाँ तक कि उसके बच्चे भी कानूनी तौर पर "कानूनी" माने जाएंगे, लेकिन वह संपत्ति के उत्तराधिकारी नहीं बन सकेंगे।
हालाँकि, कुछ ऐतिहासिक या धार्मिक उदाहरणों में बहुविव
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।