सरल वाक्य क्या होते हैं?
सरल वाक्य वे होते हैं, जिनमें केवल एक ही कर्ता और एक ही क्रिया होती है। इनमें बहुत सारे विचार नहीं, बस एक साधारण बात कही जाती है। जैसे – “रोहन खेलता है।” यहाँ रोहन कर्ता है और ‘खेलता है’ क्रिया है। इस तरह के वाक्य हम रोजमर्रा की बातचीत में आसानी से बोलते हैं।
मीता दौड़ती है। यह भी एक सरल वाक्य है क्योंकि इसमें एक कर्ता और एक क्रिया है। इसी तरह “श्याम पढ़ाई करता है”, “सीता खाना खाती है”, “बिजली कड़कती है” – ये सभी सरल वाक्य हैं।
ये वाक्य इतने साफ़ होते हैं कि छोटे बच्चे भी आसानी से समझ जाते हैं। संगीता चलती है, मेहमान आते हैं, आकाश भागता रहता है – ऐसे उदाहरण हमारे दिन-प्रतिदिन के जीवन से आते हैं।
सरल वाक्य केवल व्याकरण की किताबों तक सीमित नहीं हैं। हम रोज़ बोलते समय भी इनका इस्तेमाल करते हैं। बस ज़रूरत है तो बात को स्पष्ट और सीधे तरीके से कहने की। एक सरल वाक्य में भाव साफ़ होता है, भले ही शब्द कम हो
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