भारत का 5G: 'मेड इन इंडिया' की नई ऊंचाइयां
भारत अब 5G तकनीक में पूरी तरह स्वदेशी क्षमता रखने वाले दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो चुका है। भारतीय 5G कोर नेटवर्क और 5G रेडियो दोनों पूरी तरह से देश में ही विकसित किए गए हैं। यह उपलब्धि न सिर्फ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
अक्टूबर 2022 में यह घोषणा की गई थी कि भारत अब उन गिने-चुने राष्ट्रों में शामिल है जिनके पास अपनी 5G तकनीक है। इसके बाद से देश भर में 5G सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। आगे आने वाले छह महीनों में, मेड इन इंडिया 5G रेडियो वाणिज्यिक उपयोग के लिए तैयार होंगे, जो न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेंगे, बल्कि निर्यात की संभावनाओं को भी खोलेंगे।
यह उपलब्धि भारत के टेलीकॉम इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और टेक स्टार्टअप्स के समर्पण का परिणाम है। भारत सरकार की 'डिजिटल इंडिया' और
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