कोर्ट में पेश न होने पर क्या होता है?

अगर कोर्ट ने आपको नोटिस या समन भेजा है और आप बिना कारण दिए उस दिन पेश नहीं होते, तो कोर्ट आपके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। यह नियम सीविल और फौजदारी दोनों मामलों में लागू होता है।

जैसे कि, अगर आप एक मुकदमे में आरोपी हैं और कोर्ट में नहीं पहुँचते, तो न्यायाधीश गैरी वारंट जारी कर सकते हैं। इसका मतलब है कि पुलिस आपको गिरफ्तार कर सकती है। वहीं, अगर आप एक गवाह हैं और बुलावे के बावजूद नहीं आते, तो कोर्ट आपके खिलाफ काबरा थाना दर्ज करवा सकता है या जुर्माना लगा सकती है।

कुछ मामलों में, जैसे छोटे दंडात्मक मामले या बकाया बिल, कोर्ट आपकी अनुपस्थिति में ही मामले को निपटा देती है। जैसे, अगर आपने किसी बैंक लोन को चुकाया नहीं और कोर्ट में नहीं पहुँचे, तो कोर्ट आपके खिलाफ डिफॉल्ट आदेश जारी कर सकती है।

हालाँकि, अगर आपकी अनुपस्थिति का कोई वैध कारण है—जैसे बीमारी, दुर्घटना या लंबी दूरी पर

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