प्रेम विवाह के लिए ज्योतिष के योग
प्रेम विवाह हर युग में मनुष्य के मन की गहरी इच्छा रहा है। ज्योतिष के अनुसार, कुछ विशेष योग ऐसे होते हैं जो प्रेम विवाह की संभावना को बढ़ा देते हैं। जब मंगल और शुक्र दोनों सातवें भाव में या उसकी ओर अच्छी दृष्टि डालते हैं, तो यह प्रेम आधारित विवाह का संकेत देता है।
शुक्र, जो प्रेम, सौंदर्य और विवाह का कारक माना जाता है, अगर लग्न या चंद्र राशि में मजबूत स्थिति में हो, तो व्यक्ति भावनात्मक आकर्षण में आकर विवाह कर सकता है। इसी तरह, यदि चंद्रमा और मंगल का संयोग चंद्रमंडल में हो, तो यह भावुकता और तीव्र आकर्षण को दर्शाता है, जो प्रेम विवाह की ओर ले जाता है।
एक अन्य महत्वपूर्ण योग है—लग्नेश और चंद्रमा का सातवें भाव से संबंध। ऐसा ग्रह योग तब भी प्रेम विवाह की संभावना दिखाता है जब परिवार की इच्छा के विपरीत विवाह हो। यदि राहु सातवें भाव में हो, तो यह अपारंपरिक या आकस्मिक विवाह का संकेत दे सकता है, जो अक्सर प्रेम
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