विदेशी मुद्रा भंडार कैसे बढ़ता है?

भारत में विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) मुख्य रूप से रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के जरिए बढ़ता है। जब भारत किसी विदेशी देश को माल या सेवाएं निर्यात करता है या विदेशी निवेशक भारत में पैसा लगाते हैं, तो उनके डॉलर या अन्य विदेशी मुद्राओं का प्रवाह होता है। आरबीआई इनमें से कुछ डॉलर को बाजार से खरीदकर अपने भंडार में जोड़ लेता है।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि जब आरबीआई डॉलर खरीदता है, तो वह उसके बदले रुपये जारी करता है। इससे देश में रुपये की तरलता (liquidity) में उछाल आ सकता है, जो मुद्रास्फीति को बढ़ा सकता है। इसलिए आरबीआई इस अतिरिक्त तरलता को बॉन्ड, सरकारी सुरक्षित प्रतिभूतियां (सिक्योरिटीज) या LAF (लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी) जैसे उपकरणों के जरिए नियंत्रित करता है।

आरबीआई का यह कदम न केवल विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करता है, बल्कि रुपये के मूल्य को स्थिर रखने में भी म

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