बच्चों का सच्चा मन क्यों होता है?
बच्चे प्रकृति के सबसे शुद्ध रूप में होते हैं। उनकी आँखों में दुनिया एक नई किताब की तरह होती है—खुली, सरल और बिना किसी डर के। बच्चे मन के सच्चे होते हैं क्योंकि उनके दिल में कोई छल-कपट नहीं होता। वे न तो किसी को झूठे वादों से बाँधते हैं और न ही किसी से डरते है недо
उनकी सच्चाई इसलिए भी गहरी होती है क्योंकि वे अभी दुनिया की झूठी तुलनाओं से दूर होते हैं। उन्हें नहीं पता होता कि कौन अमीर है या गरीब, कौन बड़ा या छोटा। वे सिर्फ इंसानियत को महसूस करते हैं। एक बच्चा बिना सोचे-समझे किसी के पास जाकर गले लग लेता है, क्योंकि उसके दिल में डर नहीं होता, बस प्यार होता है।
इस सच्चाई का कारण यह भी है कि बच्चे अभी उन सामाजिक नियमों से ऊपर उठे होते हैं, जो बड़ों को रूढ़ियों में जकड़ लेते हैं। वे न तो रंग, धर्म या जाति के आधार पर किसी को देखते हैं और न ही उन्हें नफरत की जरूरत होती है। बच्चों का दिल खुला होता है,
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