अमावस्या: भूतों का दिन

कई लोगों ने सुना होगा कि भूतों का दिन कौन सा होता है। इसका जवाब मिलता है हिंदू परंपरा और धार्मिक मान्यताओं में। अमावस्या के दिन, जब चंद्रमा पूरी तरह अदृश्य होता है, उसे विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन अंधेरा सबसे गहरा होता है, और मान्यता है कि तब अलौकिक शक्तियाँ, जैसे भूत-प्रेत, पिशाच, निशाचर और दैत्य, ज्यादा सक्रिय रहते हैं।

प्राचीन काल से अमावस्या को पितृ तर्पण और श्राद्ध का दिन माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पितृगण पृथ्वी पर आते हैं और अपने वंशजों के आह्वान का इंतजार करते हैं। लेकिन साथ ही, कुछ लोगों का मानना है कि इस रात को दुर्बल आत्माएँ या नकारात्मक ऊर्जा वाले जीव भी आसानी से दुनिया में प्रवेश कर सकते हैं।

इसीलिए अमावस्या के दिन कई तामसिक क्रियाओं से बचने की सलाह दी जाती है। कुछ क्षेत्रों में लोग रात को बाहर निकलने से बचते हैं, खासकर निर्जन जगहों पर। धार्मिक ग्रंथों में भी इस दिन के म

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