मृत्यु के तीसरे दिन क्या होता है?

मृत्यु के तीसरे दिन से जुड़ी परंपराएं भारतीय संस्कृति में गहराई से जुड़ी हैं। हालाँकि, यह मान्यता कि "तीसरे दिन मृतक की हड्डियों को इकट्ठा किया जाता है", वैज्ञानिक या सामान्य रीति-रिवाज़ों के अनुसार पूरी तरह सटीक नहीं है।

हिंदू परंपरा में मृत्यु के तुरंत बाद अंतिम संस्कार किया जाता है, आमतौर पर 24 घंटे के भीतर। इसके बाद चिता से अवशेषों को इकट्ठा करने का काम अगले दिन या तीसरे दिन हो सकता है। यहीं से ‘तीसरे दिन हड्डियों को इकट्ठा करने’ की धारणा की उत्पत्ति हो सकती है।

वास्तव में, यह प्रक्रिया अस्थि संग्रह कहलाती है—जब चिता के बाद बचे अवशेषों, खासकर अस्थियों को इकट्ठा करके परिवार द्वारा उचित विधि से नदी या तीर्थ स्थल में प्रवाहित किया जाता है। यह क्रिया आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति में सहायक मानी जाती है।

कुछ क्षेत्रों में तीसरे दिन परिवारजन विशेष पूजा या श्राद्ध करते हैं, ताकि आत्मा को शांति मिल सके। यह

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