नई शिक्षा नीति: डॉ. कस्तूरीरंगन की अगुवाई में नया सफर

भारत में शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव के तहत 34 वर्ष बाद नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। इससे पहले साल 1968 और 1986 में शिक्षा नीति बनाई गई थी। अब 2020 में लागू हुई यह नई नीति देश की तीसरी राष्ट्रीय शिक्षा नीति है, जो आधुनिक चुनौतियों और बदलती दुनिया के हिसाब से तैयार की गई है।

नई शिक्षा नीति के मसौदे की अध्यक्षता डॉ. के. कस्तूरीरंगन ने की, जो इसरो के पूर्व प्रमुख रह चुके हैं। उनकी अगुवाई में गठित समिति ने शिक्षा प्रणाली में गहराई से बदलाव लाने के लिए कई नए सुझाव दिए, जैसे 5+3+3+4 की नई शिक्षा संरचना, बहुभाषिकता को बढ़ावा, और व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करना।

डॉ. कस्तूरीरंगन के नेतृत्व वाली समिति ने शिक्षा को न केवल ज्ञान का साधन, बल्कि जीवन के लिए तैयारी बनाने का मंत्र दिय瞪। उनके विचारों ने नीति में मानवीय मूल्यों, समावेशन और तकनीकी प्रगति को जोड

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