चौथ के चांद को क्यों नहीं देखना चाहिए?
हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, भाद्रपद मास की गणेश चतुर्थी तिथि को चंद्रमा को देखना वर्जित माना जाता है। इस दिन चंद्र दर्शन करने पर झूठा कलंक लगने की मान्यता है। इसके पीछे एक प्राचीन कथा है, जो भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी है।
श्रीमद्भागवत के अनुसार, एक बार चतुर्थी तिथि को चांद को देख लेने के कारण भगवान श्रीकृष्ण पर मिथ्या आरोप लगा था। उन पर चोरी का झूठा कलंक लगा, जबकि वे निर्दोष थे। इस बोझ से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने विधिवत गणेश चतुर्थी का व्रत किया और भगवान गणेश की आराधना कर अपनी निर्दोषता साबित की।
यही कारण है कि आज भी गणेश चतुर्थी के दिन लोग जानबूझकर चांद को नहीं देखते। कई स्थानों पर तो चांद दिख भी जाए, तो भी उसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। यह परंपरा न केवल धार्मिक श्रद्धा को दर्शाती है, बल्कि अपनी निर्दोषता और पवित्रता बनाए रखने का संकेत भी देती है।
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