श्रीकृष्ण का अंतिम संस्कार: एक अद्भुत रहस्य
भगवान श्रीकृष्ण के अंतिम संस्कार के बारे में सुनकर मन में हमेशा एक प्रश्न उठता है — जिनका शरीर अवतार का था, क्या उनकी मृत्यु भी सामान्य थी? पुराणों के अनुसार, कृष्ण को वन में तीर लगा था। एक शिकारी, जरा नामक शबर, ने कृष्ण के पैर में तीर चला दिया, जो वरदान और श्राप के संयोग से हुआ था। उसी घाव से उनका शरीर छूटा।
किंतु तब जो हुआ, वह सामान्य से कहीं अलग था।जब वैदिक रीति से चिता जलाई गई, तो आश्चर्यजनक रूप से श्रीकृष्ण का शरीर नहीं जला। यह देखकर सभी चकित रह गए। विद्वानों का मानना है कि चूंकि कृष्ण का शरीर दिव्य था, यह अग्नि के प्रभाव से न तो जल सकता था और न ही पृथ्वी पर रह सकता था। इसीलिए उनके पवित्र शरीर को चिता से बाहर निकालकर समुद्र में प्रवाहित कर दिया गया।
यह समापन भी उनके जीवन की तरह रहस्यमय था। कृष्ण ने जन्म से मृत्यु तक हर पल लीला बनाकर जी भर दिया। उनका अंतिम संस्कार भी उसी लीला का हिस
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