पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति की पूजा – आस्था और लाभ

हनुमान जी की भक्ति में विश्वास रखने वाले करोड़ों लोगों के लिए उनकी पूजा केवल धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि शक्ति, साहस और संरक्षण का प्रतीक है। हनुमान जी के कई रूपों में, पंचमुखी हनुमान जी का रूप विशेष महत्व रखता है।

कहा जाता है कि जब अहिरावण, रावण का भाई, ने भगवान राम और लक्ष्मण को पाताल लोक में बंदी बना लिया, तो हनुमान जी ने उन्हें बचाने के लिए पंचमुखी रूप धारण किया। इस रूप में उनके पांच मुख होते हैं – पूर्व, उत्तर, पश्चिम, दक्षिण और ऊर्ध्व दिशा में। मान्यता है कि यह रूप सभी दिशाओं में बुरी शक्तियों का विनाश करता है।

घर में पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करने से न केवल सुरक्षा का आश्वासन मिलता है, बल्कि भाग्य भी साथ देने लगता है। मान्यताओं के अनुसार, जिस घर में यह मूर्ति होती है, वहां के लोगों की प्रगति में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। डर, रोग और नकारात्मकता इ

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