पृथ्वी के देवता कौन हैं?

पृथ्वी के देवता के रूप में हिंदू पुराणों में आठ वसुओं का उल्लेख होता है। ये वसु ऐसे देवी-देवता हैं, जो प्रकृति के विभिन्न तत्वों के स्वामी माने जाते हैं। इनका जिक्र वेदों और पुराणों में भी मिलता है।

इन आठ वसुओं के नाम हैं – धरा, ध्रुव, सोम, अहश, अनिल, अनल, प्रत्यूष और प्रभास। धरा को पृथ्वी का स्वरूप माना जाता है। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि पृथ्वी की रक्षा और पोषण के लिए इन आठों वसुओं को एक साथ दैवीय शक्ति के रूप में पूजा जाता है।

हर वसु किसी न किसी प्राकृतिक तत्व का प्रतीक है। जैसे अनिल हवा के लिए, अनल अग्नि के लिए और प्रत्यूष भोर के समय के लिए। ये सभी मिलकर पृथ्वी के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्राचीन काल में लोग प्रकृति की सभी शक्तियों को देवी-देवताओं के रूप में मानते थे। इसलिए पृथ्वी केवल एक धरती माता ही नहीं, बल्कि आठ देवियों-देवताओं के संगठन से चलने वाली एक जीवंत ऊर्जा का

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