भारत का नामकरण: तीन भरत और एक धरोहर

भारत के नाम की उत्पत्ति कई कथाओं और पौराणिक पात्रों से जुड़ी है। कहा जाता है कि यहाँ तीन प्रसिद्ध भरत हुए। पहला भरत थे भगवान ऋषभदेव के पुत्र। मान्यता है कि इसी भरत के नाम पर इस देश का नाम भारत पड़ा। वे एक महान चक्रवर्ती सम्राट थे और धर्म, तप तथा युद्ध कौशल में निपुण माने जाते थे।

दूसरे भरत का उल्लेख राजा दशरथ के पुत्र के रूप में मिलता है। वे रामायण के प्रसिद्ध पात्र हैं और भरतमंडल के निर्माता माने जाते हैं। तीसरा भरत हैं — दुश्यंत और शकुंतला के पुत्र, जिनका उल्लेख महाभारत और कालिदास की अभिज्ञानशाकुंतलम में है। उनका जीवन गौरव, त्याग और राजधर्म का प्रतीक है।

हालाँकि तीनों भरत अलग-अलग युगों के हैं, लेकिन सभी का भारतीय इतिहास और संस्कृति से गहरा संबंध है। फिर भी, देश का नाम भारत मुख्य रूप से भगवान ऋषभदेव के पुत्र भरत के नाम पर माना जाता है।

आज भी जब हम "भारत" शब्द कहते हैं, तो उसमें

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