हिंदुत्व की शुरुआत किसने की?

हिंदुत्व की अवधारणा को लेकर अक्सर सवाल उठता है कि आखिर इसकी शुरुआत किसने की। इसके पीछे मुख्य नाम है — विनायक दामोदर सावरकर का। सावरकर ने 1923 में अपनी पुस्तक "हिंदुत्व: हू इज ए हिंदू?" के माध्यम से इस शब्द को एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में प्रस्तुत किया।

हिंदुत्व को सिर्फ धर्म से आगे बढ़कर एक सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा गया। यह सिर्फ हिंदू धर्म में विश्वास रखने वाले लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि उन सभी लोगों को शामिल करता है जो भारत को अपनी आद्य भूमि, पुण्यभूमि और पितृभूमि मानते हैं।

सावरकर के अनुसार, हिंदू वह है जो भारत को अपनी जन्मभूमि और पवित्र भूमि दोनों मानता है। उन्होंने इस विचार को राजनीतिक संदर्भ में तैयार किया, ताकि भारत में रहने वाले विभिन्न समुदायों के बीच एक सांस्कृतिक एकता स्थापित की जा सके।

आज हिंदुत्व को भारतीय राजनीति के कई आयामों में देखा जाता है। हालांकि, इस

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