भद्रकाली और चामुंडा: एक ही देवी के भिन्न रूप?
भारतीय पुराणों और शाक्त परंपराओं में माँ काली के अनेक रूपों की पूजा की जाती है। इन्हीं में से दो महत्वपूर्ण नाम हैं—भद्रकाली और चामुंडा। हालाँकि दोनों काली के ही स्वरूप हैं, पर इनके स्वभाव और पूजा-प्रथा में थोड़ा अंतर है।
भद्रकाली को देवी पार्वती का एक शुभ और कल्याणकारी रूप माना जाता है। विशेष रूप से केरल में उन्हें भगवती या कुरुम्बा अम्मन के नाम से भी पूजा जाता है। यहाँ तक कि कुछ मंदिरों में उनकी मूर्तियाँ करियम काली के रूप में भी देखी जाती हैं। भद्रकाली को अच्छे लोगों की रक्षक माना जाता है, जिन्हें 'भद्र' अर्थात शुभ माना जाता है।
दूसरी ओर, चामुंडा अधिक क्रोधित और भयंकर स्वरूप में पूजा जाती हैं। वह रक्तबीज जैसे राक्षसों का वध करने वाली शक्ति के प्रतीक हैं। फिर भी, कई पुराणों में भद्रकाली और चामुंडा को एक ही देवी के विभिन्न पहलुओं के रूप में देखा गया है।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।