मिसकैरेज का खतरा कितने महीने तक रहता है?

गर्भावस्था में हर महिला के मन में एक चिंता हमेशा साथ रहती है – कहीं मिसकैरेज का खतरा तो नहीं। असल में, गर्भ के पहले दिनों से लेकर पहली तिमाही (लगभग 12 हफ्ते) तक गर्भपात का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।

अधिकांश मिसकैरेज प्रेगनेंसी के पहले 20 हफ्तों के भीतर होते हैं, और इनमें से बड़ी संख्या पहले 12 हफ्तों में ही देखी जाती है। इस दौरान शरीर में बहुत बड़े बदलाव होते हैं और भ्रूण के विकास की प्रक्रिया शुरू होती है। कई बार ऐसे गर्भपात जेनेटिक असामान्यताओं की वजह से होते हैं, जिन पर महिला का कोई नियंत्रण नहीं होता।

20वें हफ्ते के बाद गर्भपात का खतरा काफी कम हो जाता है, लेकिन यह बिल्कुल खत्म नहीं होता। इसलिए भी गर्भावस्था के दौरान नियमित चेकअप, संतुलित आहार और तनाव से दूर रहना बहुत जरूरी है।

अगर कोई महिला पहले कभी मिसकैरेज का अनुभव कर चुकी है, तो वह अगली बार प्रेगनेंसी में ज्यादा सावधानी बरत सकती है। ड

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