प्रेम कहानी: एक सामाजिक उपन्यास
प्रेम कहानी भारतीय लेखक भीष्म साहनी द्वारा लिखित एक मनोगहन उपन्यास है, जो सन् 2000 में प्रकाशित हुआ। यह केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि समाज के भीतर जन्मे धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अवरोधों को उजागर करता है।
उपन्यास में नीलू, नीलिमा और नीलोफर जैसी तीन अलग-अलग पृष्ठभूमि की महिलाओं के जीवन के माध्यम से दलित, मुस्लिम और उच्च वर्गीय हिंदू समुदायों के बीच चलने वाले तनाव, पूर्वाग्रह और भेदभाव को दिखाया गया है। इन पात्रों के माध्यम से लेखक ने प्रेम के सच्चे अर्थ, आत्मसमर्पण और सामाजिक नियंत्रण के बीच के संघर्ष को बहुत संवेदनशील ढंग से पेश किया है।
भीष्म साहनी ने अपने पूरे जीवन में मानवीय मूल्यों, न्याय और सहिष्णुता की बात की। प्रेम कहानी भी उन्हीं विचारों की एक लघु परिचय है। उपन्यास केवल कल्पना पर आधारित नहीं, बल्कि उस समय के सामाजिक हालात का दर्पण है, जब धर्म और जाति के आधार पर विवाह और मित्रता तक पर
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