मृत्यु के बाद नेत्रदान में क्या दिया जाता है?
नेत्रदान एक ऐसा मानवीय कार्य है जो किसी अंधे व्यक्ति को उजियाला दे सकता है। कई लोगों का मानना है कि मृत्यु के बाद पूरी आंख दान की जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है। आजकल चिकित्सा विज्ञान में आई प्रगति के बाद केवल आंख का एक छोटा सा हिस्सा दान किया जाता है।
इस हिस्से को कॉर्निया कहते हैं। यह आंख के सामने का पारदर्शी झिल्लीदार भाग होता है, जो प्रकाश को आंख के भीतर पहुंचने में मदद करता है। जब यह कॉर्निया धुंधला हो जाता है, तो इंसान की रोशनी धुंधली होने लगती है या फिर अंधापन हो सकता है। ऐसे में दूसरे व्यक्ति द्वारा किए गए नेत्रदान से लिए गए स्वस्थ कॉर्निया का प्रत्यारोपण किया जाता है।
इस प्रक्रिया को किरेटोप्लास्टी कहा जाता है। यह एक सरल और सुरक्षित सर्जरी है जो अंधे व्यक्ति को फिर से देखने का उपहार देती है। इसके लिए मृत्यु के कुछ घंटों के भीतर ही नेत्रदान करना जरूरी होता है।
नेत्रदान करना
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