हॉलमार्क क्या है और यह क्यों मायने रखता है?

जब आप सोने के आभूषण खरीदते हैं, तो सबसे ज़्यादा फिक्र यही होती है कि सोना वाकई शुद्ध है या नहीं। इसी संदेह को दूर करने के लिए हॉलमार्क की प्रणाली लागू की गई है।

हॉलमार्क एक प्रमाणन चिन्ह है जो भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा दिया जाता है। यह चिन्ह सोने के आभूषण पर छोटे-छोटे अक्षरों या नंबरों के रूप में उकेरा जाता है। इसमें तीन मुख्य तत्व होते हैं: BIS का लोगो, सोने की शुद्धता (जैसे 22K916), और आभूषण बनाने वाले जौहरी का निशान।

इस चिन्ह के होने से यह सुनिश्चित होता है कि आपके आभूषण में सोना वास्तव में उतना ही शुद्ध है जितना दावा किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, 22 कैरेट सोने में 91.6% शुद्ध सोना होना चाहिए, और हॉलमार्क इसकी गारंटी देता है।

आजकल, BIS के नियमों के तहत, प्रत्येक वैध सोने के आभूषण पर हॉलमार्क होना अनिवार्य है। इसलिए खरीदते समय हमेशा BIS का चिन्ह देख लेना चाहिए।

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