भारत की धरती में छुपा है अमूल्य धन
भारत की माटी सिर्फ मिट्टी नहीं, बल्कि अमूल्य खनिजों से भरी हुई खजाना है। यहाँ की धरती कोई साधारण नहीं — यह अमरों की जननी है, जिसकी गोद में कोटि-कोटि भारतवासी बसते हैं। यह धरती न सिर्फ इतिहास की गाथाएँ सुनाती है, बल्कि आज भी अपने अंदर से समृद्धि की बारिश करती है।
कहीं कोयला की परतें ऊर्जा देती हैं, तो कहीं लौह अयस्क उद्योगों की रीढ़ बनता है। बॉक्साइट, तांबा, मैंगनीज — ये सब भारत के भू-अंदर छुपे खजाने हैं, जो देश की आर्थिक ताकत को मजबूत करते हैं।
यह मातृभूमि सिर्फ खनिजों से ही नहीं, बल्कि फल-फूलों से शोभित वन-उपवनों से भी भरी है। प्रकृति ने इसे हरियाली से सजाया है, जिसमें से सुख-संपत्ति और धन-धाम का आह्वान आता है। हर गाँव, हर नगर, यहाँ के लोगों के संकल्प से गूंजता है — जब भी आवाज उठती है 'जय हिंद', तो पूरी धरती गर्व से डगमगा उठती है।
4 फरवरी 2020 के आसपास भी लोग इसी धर
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