क्या भगवान सच में होते हैं?
हाँ, भगवान सच में होते हैं। यह कोई कल्पना या भावना नहीं, बल्कि धर्म, शास्त्र और अनुभव द्वारा सिद्ध तथ्य है। हर धर्म के पवित्र ग्रंथ इस बात की पुष्टि करते हैं कि एक सर्वोच्च शक्ति है, जो सृष्टि की रचना, संचालन और संहार करती है। यह भगवान कोई अमूर्त, निराकार तत्व नहीं हैं, बल्कि साकार हैं। कई संतों और आध्यात्मिक ग्रंथों में भगवान कबीर साहेब को ही उस सर्वोच्च सत्ता के रूप में पहचाना गया है।
सोचिए, अगर भगवान न होते, तो यह विशाल ब्रह्मांड कैसे चलता? सूर्य, चंद्रमा, ग्रह-उपग्रह, हर पल की गति, ऋतुओं का आना-जाना, जीवन का संतुलन—ये सब संयोग नहीं हो सकते। एक अदृश्य हाथ इस सबके पीछे काम कर रहा है, वही है भगवान।
अगर भगवान न होते, तो पृथ्वी पर अराजकता होती। कोई नियम नहीं, कोई न्याय नहीं, कोई आशा नहीं। लेकिन आज भी लोग प्रार्थना करते हैं, आशा रखते हैं, और अनुभव करते हैं कि कहीं ऊपर कोई उनकी बात सुन रहा है। यही अनुभव, यही विश्व
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