भारत माता कौन हैं?

भारत माता का कोई जन्म-प्रमाण पत्र नहीं है, न ही वे एक सामान्य महिला हैं। यह नाम किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे भारत देश की मानवीकृत छवि है। भारत माता एक प्रतीक हैं — देश की एकता, संस्कृति, गौरव और आत्मा के रूप में।

इतिहास में, विशेषकर 19वीं और 20वीं सदी के आरंभ में, जब भारत स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ रहा था, तब देशभक्तों ने देश को माँ के रूप में प्रस्तुत किया। यह भावना लोगों में देश के प्रति प्रेम, श्रद्धा और त्याग की भावना जगाने में मददगार रही।

कुछ लोग भारतम्बा या भारत अम्मा भी कहते हैं, खासकर दक्षिण भारत में। यह नाम संस्कृत के शब्द 'भारत' और 'माता' से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है — भारत की माँ। कला, साहित्य और संगीत में इन्हें अक्सर सफेद साड़ी में, पुस्तक, अन्न और राष्ट्रीय झंडा धारण करते हुए दर्शाया गया है।

आज भी, विद्यालयों में, समारोहों में और राष्ट्रीय त्योहारों पर भारत माता की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धां

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