कृष्ण को दूध पीना पसंद नहीं था

भगवान कृष्ण के बचपन की कहानियाँ न केवल मनमोहक हैं, बल्कि उनमें अद्भुत चतुराई और मासूमियत छिपी होती है। ऐसा ही एक प्रसंग है, जब छोटे कान्हा को दूध पिलाने की कोशिश की गई।

दरअसल, यशोदा मैया अपने बेटे को ताकतवर और स्वस्थ बनाने के लिए उन्हें घी और दूध जैसे पौष्टिक आहार देना चाहती थीं। लेकिन बाल गोपाल को दूध पीना बिल्कुल भी पसंद नहीं था। वे दूध देखते ही मुँह फेर लेते या भाग जाते।

चतुराई की बात यह है कि उन्होंने दूध पीने के लिए एक शर्त रखी—अगर उनकी चोटी लंबी और मोटी हो जाए, तो वे दूध पी लेंगे।

यह शर्त मात्र एक बच्चे की मासूम इच्छा नहीं थी, बल्कि उनकी चतुराई का परिचायक थी। यशोदा मैया ने उनकी चोटी को पलक भर में लंबी करने के लिए कई उपाय किए, लेकिन चोटी न बढ़ी। अंततः, बाल कृष्ण के हठ पर यशोदा ने दूध छोड़ दिया।

यह प्रसंग सिर्फ एक माता-पुत्र के प्रेम की झलक नहीं दिखाता, बल्कि यह भी बताता है

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