विस्तृत लेख गरीबी का अभिशाप और UPSC की दृष्टि: क्या यह महज एक आर्थिक पैमाना है या मानवीय गरिमा का पूर्ण अभाव?

राष्ट्रवाद क्या है? UPSC के संदर्भ में समझें

राष्ट्रवाद केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक भावना है — वह भावना जो लोगों को एक सूत्र में बांधती है। UPSC के परीक्षा पैटर्न को देखें तो राष्ट्रवाद न केवल सामान्य अध्ययन के पेपर में बल्कि नैतिकता और नागरिक सेवा के मूल्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सरल शब्दों में, राष्ट्रवाद वह विश्वास है कि एक समूह अपने इतिहास, भाषा, संस्कृति, परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव के आधार पर एक 'राष्ट्र' के रूप में खुद को पहचानता है। यह पहचान सिर्फ भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं होती, बल्कि लोगों के दिलों में बसी होती है। जब लोग अपनी साझा पहचान के प्रति गर्व महसूस करते हैं और उस राष्ट्र के लिए कुछ करने की भावना रखते हैं, तो वही सच्चा राष्ट्रवाद है।

UPSC के संदर्भ में, राष्ट्रवाद न केवल 19वीं शताब्दी के स्वतंत्रता आंदोलनों तक सीमित नहीं है, बल्कि आज भी प्रासंगिक है। एक आईएएस अधिकारी हो या कोई नागरिक सेवक — उससे अपेक्षा ह

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय