अर्जुन की जाति क्या थी?
महाभारत के महान योद्धा अर्जुन की जाति को लेकर कई बार सवाल उठते हैं। स्पष्टतः, अर्जुन पांडव परिवार के सदस्य थे और उनका वंश प्राचीन क्षत्रिय राजवंश से जुड़ा हुआ था।
पुरुवंशी क्षत्रियअर्जुन और उनके भाइयों का वंश महाराजा पुरू से चला था, जो महाराजा ययाति के पुत्र थे। इस वंश को पुरुवंश कहा जाता है। पुरू के वंशज होने के कारण अर्जुन और कौरव दोनों पुरुवंशी माने जाते हैं।
इसके आगे, पुरू का वंश चंद्रवंश से जुड़ा हुआ था। चंद्रवंशी राजाओं में इला, बुध, पुरूरवा और ययाति का नाम आता है। इस तरह अर्जुन चंद्रवंशी क्षत्रिय थे।
क्षत्रिय होने के नाते उनका मुख्य धर्म युद्ध, न्याय और राज्य की रक्षा करना था। गीता में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को उनके क्षत्रिय धर्म (कर्तव्य) का पालन करने का आह्वान किया था।
इस तरह, अर्जुन की जाति को लेकर स्पष्टता है—वे चंद्रवंशी पुरुवंशी क्षत्रिय थे। उनका वंश प्राचीन और गौरवशाली रहा, जिसकी पह
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।