आंख की संरचना की समझ का श्रेय इब्न अल-हैथम को

इब्न अल-हैथम, जिन्हें पश्चिम में अल्हाज़ेन के नाम से जाना जाता है, 10वीं सदी के एक महान वैज्ञानिक और दृष्टि विज्ञान के जनक माने जाते हैं। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध कृति किताब अल-मनाज़िर में आंख की संरचना और कार्यप्रणाली पर गहन अध्ययन प्रस्तुत किया।

उन्होंने आंख के महत्वपूर्ण भागों — कॉर्निया, ह्यूमर एक्वियस (आंख का तरल द्रव), लेंस और कॉर्पस विट्रियम (कांचमय द्रव) — का विस्तार से वर्णन किया। यह कार्य उस समय के लिए अत्यंत उन्नत था और आंख की कार्यप्रणाली को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया।

इब्न अल-हैथम ने यह भी साबित किया कि दृष्टि का निर्माण आंख के भीतर होता है, न कि प्राचीन मान्यता के अनुसार आंखों से निकलने वाली किरणों से। उनका यह दृष्टिकोण विज्ञान के क्षेत्र में एक क्रांति थी।

उनके शोध ने न केवल इस्लामी दुनिया में, बल्कि यूरोप में भी बाद के वैज्ञानिकों को

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