क्या कान सोता नहीं?
हमने अक्सर सुना है कि "कान नहीं सोता" – यानी जब हम सो रहे होते हैं, तब भी कान कुछ न कुछ सुन रहा होता है। लंबे समय तक यह एक आम मान्यता बनी रही, लेकिन क्या यह सच है?
हाल के एक शोध ने इस मिथक को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर समझने की कोशिश की है।नैशविले, टेनेसी में स्थित वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि जब हम सो रहे होते हैं, तो हमारे सभी अंग आराम की अवस्था में रहते हैं, लेकिन हमारे कान और उससे जुड़ी तंत्रिका प्रणाली अभी भी कुछ हद तक सक्रिय रहती है। दरअसल, कान ध्वनि को ग्रहण करता है और यह जानकारी दिमाग तक पहुँचाता है – यहाँ तक कि नींद के दौरान भी।
लेकिन यह मतलब नहीं कि कान "जाग रहा होता है"। बल्कि, यह एक स्वचालित प्रक्रिया है। अगर कोई तेज आवाज आती है, जैसे अलार्म या कोई चीख, तो दिमाग उसे पहचानकर आपको जगा सकता है। यही कारण है कि कई लोग नाम लेने पर भी नींद में हिल जाते हैं।
तो हाँ, कान पूरी तरह नहीं सोता, लेक
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