प्रेम से शादी, पर क्या भागकर?
प्रेम एक अनमोल भावना है, और जब दो दिल एक होते हैं, तो शादी स्वाभाविक लगती है। लेकिन सवाल ये है कि क्या भागकर शादी करना सही है? इसका जवाब सरल है – नहीं।
माता-पिता की ममता और त्याग को कोई नहीं भूल सकता। लड़के और लड़की दोनों के मां-बाप अपने बच्चों को पालते-पोसते, उनकी शिक्षा और संस्कार में सालों तक दिन-रात एक कर देते हैं। उनके मन में एक सपना होता है – अपने बच्चे की शादी इज्जत से, परिवार के साथ और परंपरा के अनुसार हो।
लेकिन जब कोई जोड़ा भागकर शादी कर लेता है, तो वह सिर्फ एक निर्णय नहीं लेता, बल्कि उस पूरे परिवार के सपने को तोड़ देता है जिसने उसे पाला है।
ये नहीं कहा जा रहा कि प्रेम गलत है। प्रेम सही है, लेकिन उसका रास्ता भी सही होना चाहिए। अगर दो लोग सच्चे हैं, तो वे डर के बजाय बातचीत का रास्ता चुन सकते हैं। धीरे-धीरे माता-पिता को समझाना, उनकी चिंताओं को सुनना, और फिर साथ आगे बढ़ना – यही सच्चे प्रेम का हिस
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