फलों का राजा: रसीले आम की अनोखी कहानी

भारत में गर्मियों की दस्तक के साथ ही जिस फल का सबसे बेसब्री से इंतज़ार किया जाता है, वह है आम। इसे यूं ही फलों का राजा और भारत का राष्ट्रीय फल नहीं कहा जाता। आम स्वाद, सुगंध और विविधता का एक ऐसा मेल है जो हर किसी को अपना दीवाना बना लेता है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में उगने वाले आमों की अपनी-अपनी अनूठी कहानियां और मिठास है। वैसे तो बाज़ार में अल्फोंसो से लेकर तोतापरी तक कई किस्में मौजूद हैं, लेकिन दशहरी, चौसा और लंगड़ा का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। जहाँ दशहरी अपनी भीनी खुशबू और पतली गुठली के लिए मशहूर है, वहीं चौसा अपने रसीलेपन के लिए जाना जाता है। लंगड़ा आम अपने अनोखे तीखे-मीठे स्वाद के कारण लोगों का पसंदीदा बना हुआ है।

चाहे आम का पन्ना हो, आमरस हो या फिर पेट भरकर स्लाइस काटकर खाना हो, गर्मियों की हर शाम इस फल के बिना अधूरी लगती है। स्वाद और परंपरा का यह मेल ही इसे सही मायने में फलों का राजा बनाता है।

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