चेचक: एक खत्म हुई बीमारी

चेचक, एक बार दुनिया भर में तबाही मचाने वाला संक्रामक रोग, आज केवल इतिहास की किताबों में दर्ज है। इसकी शुरुआत हजारों साल पहले मानी जाती है, लेकिन आधुनिक समय में इसका अंत एक सफल टीकाकरण अभियान के बाद हुआ।

अमेरिका में आखिरी प्राकृतिक चेचक का प्रकोप साल 1949 में दर्ज किया गया। इसके बाद दुनिया भर में टीके के जरिए इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई लड़ी गई। धीरे-धीरे संक्रमण कम होने लगा।

फिर 1980 का वो ऐतिहासिक साल आया, जब विश्व स्वास्थ्य सभा (World Health Assembly) ने घोषणा की कि चेचक अब दुनिया से खत्म हो चुका है। यह घोषणा दुनिया के स्वास्थ्य इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि थी। तब से अब तक कोई भी प्राकृतिक रूप से हुआ चेचक का मामला नहीं हुआ है।

आज, चेचक को इंसानी इतिहास में एकमात्र ऐसी बीमारी माना जाता है जिसे पूरी तरह से उन्मूलित कर दिया गया है। यह सफलता सिर्फ एक वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सामूहिक स्वास्थ्य प्रयासों की जीत ह

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